एएमयू ने नगर निगम की कार्रवाई को गैरकानूनी बताया, वीसी प्रो. नईमा खातून मौके पर पहुंचीं

अलीगढ़, 20 अगस्त ( मोहम्मद कामरान )
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने राइडिंग फील्ड की करीब 46 बीघा जमीन पर नगर निगम की कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए जमीन पर अपना कानूनी मालिकाना हक जताया है। एएमयू की कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून गुरुवार को मामले की जानकारी मिलने के बाद अन्य विश्वविद्यालय अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया।
यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार राइडिंग फील्ड की संबंधित जमीन एएमयू की कानूनी संपत्ति है और इससे संबंधित सभी दस्तावेज, राजस्व रिकॉर्ड और कानूनी साक्ष्य यूनिवर्सिटी के पास मौजूद हैं। एएमयू के मुताबिक 13 जून 1925 से यह जमीन अधिग्रहण भूमि कानून-1894 के तहत यूनिवर्सिटी की देखरेख में रही है। 19 नवंबर 1940 को यूनाइटेड प्रोविंस के गवर्नर ने यह जमीन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लिए अधिग्रहित की थी।
यूनिवर्सिटी ने कहा कि एएमयू केंद्र सरकार के अधीन एक स्वायत्त शैक्षणिक संस्थान है और उसकी संपत्तियां केंद्र सरकार के अधीन आती हैं। ऐसे में नगर निगम की ओर से जमीन को कब्जामुक्त कराने का दावा सही नहीं है।
एएमयू प्रशासन का आरोप है कि वर्ष 1992 में यूनिवर्सिटी के राजस्व रिकॉर्ड में कथित रूप से गुप्त तरीके से बदलाव किया गया था। यूनिवर्सिटी के अनुसार वर्ष 2003 में इसकी जानकारी मिलने के बाद से राजस्व रिकॉर्ड में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
एएमयू ने बताया कि 29 मार्च 2025 को राजस्व रिकॉर्ड में सुधार के लिए कानूनी रूप से अपना दावा प्रस्तुत किया गया था, जो अभी एसडीएम कोल के यहां विचाराधीन है। यूनिवर्सिटी ने सवाल उठाया कि जब मामला लंबित है तो उसके निस्तारण से पहले जमीन पर नगर निगम की ओर से कार्रवाई किस कानूनी आधार पर की गई।
यूनिवर्सिटी के अनुसार 3 जनवरी 2022 को हुई पैमाइश के बाद 6 जनवरी 2022 को तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल की संयुक्त रिपोर्ट में भी यह जमीन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के घुड़सवार फील्ड के नाम पर दर्ज की गई थी।
एएमयू प्रशासन ने नगर निगम से कार्रवाई तत्काल रोकने और लंबित मामले का निष्पक्ष एवं कानूनी निस्तारण होने तक यथास्थिति बनाए रखने की मांग की है।
यूनिवर्सिटी के अनुसार मामले की जानकारी मिलते ही कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून आज मौके पर पहुंचीं। उनके साथ पीवीसी प्रोफेसर मोहम्मद मोहसिन खान, रजिस्ट्रार प्रोफेसर आसिम जफर, प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद नावेद खान, मेंबर इंचार्ज प्रॉपर्टी प्रोफेसर मोहम्मद आसिफ और प्रॉपर्टी ऑफिसर मोहम्मद आरिफ समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर नगर निगम की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए यूनिवर्सिटी का पक्ष रखा।
बाद में एएमयू अधिकारियों ने नगर आयुक्त और एसडीएम कोल से मुलाकात कर यूनिवर्सिटी का पक्ष उनके सामने रखा। इस दौरान AMUTA के अध्यक्ष प्रोफेसर तुफैल अहमद और सचिव अशरफ मतीन भी यूनिवर्सिटी अधिकारियों के साथ मौजूद रहे।
एएमयू की कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यूनिवर्सिटी की संपत्ति और रिकॉर्ड के संरक्षण के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वह अपने कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध प्रशासनिक और कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगा।



