एएमयू के जेएन मेडिकल कालिज में यूपीओएस का तीन दिवसीय सम्मेलन, डायमंड जुबली संपन्न

उत्तर प्रदेश राज्य नेत्र विज्ञान सोसायटी (यूपीओएस) का 60वां डायमंड जुबली वार्षिक सम्मेलन ‘एलिगआईकॉन 2026’ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में तीन दिनों तक चले शैक्षणिक विचार-विमर्श, वैज्ञानिक प्रस्तुतियों और शल्य चिकित्सा प्रशिक्षण के बाद संपन्न हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख नेत्र रोग विशेषज्ञों सहित 800 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

वैज्ञानिक कार्यक्रम के तहत लगभग 300 प्रस्तुतियां हुईं। इनमें पांच अंतर्राष्ट्रीय, 75 राष्ट्रीय और 256 राज्य स्तरीय प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण दुर्लभ और जटिल मामलों से जुड़ी लाइव सर्जरी का प्रदर्शन रहा, जिसमें नवीन शल्य तकनीकों, चिकित्सकीय निर्णय प्रक्रिया और सर्जरी के परिणामों में हुई प्रगति को प्रदर्शित किया गया।

उद्घाटन समारोह में एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातून मुख्य अतिथि तथा डॉ. चित्रा राममूर्ति और डॉ. संतोष जी. होनावर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

अपने संबोधन में प्रो. नइमा खातून ने प्रतिष्ठित डायमंड जुबली सम्मेलन के आयोजन के लिए एएमयू को स्थल के रूप में चुनने पर यूपीओएस के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने नेत्र विज्ञान संस्थान के शैक्षणिक योगदान और नेत्र चिकित्सा शिक्षा तथा मरीजों की देखभाल को आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की।

नेत्र विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रो. एफ. ए. जीलानी और डॉ. रेखा गोयल को यूपीओएस लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। एएमयू के नेत्र विज्ञान विभाग के डॉ. मोहम्मद साकिब को कॉर्निया सेवाओं के क्षेत्र में युवा उपलब्धि हासिल करने वाले विशेषज्ञ के रूप में यूपीओएस प्रेसिडेंट्स एप्रिसिएशन अवॉर्ड प्रदान किया गया। यह सम्मान कॉर्निया संबंधी देखभाल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कॉर्निया अंधता से मुकाबले के उनके प्रयासों के लिए दिया गया। हैदराबाद स्थित एल.वी. प्रसाद आई इंस्टीट्यूट के डॉ. जावेद अली को भी उनके शैक्षणिक और पेशेवर योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

आयोजन अध्यक्ष डॉ. अजय सक्सेना ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया और विशिष्ट अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन सचिव प्रो. सिमी जका उर रब ने सम्मेलन के शैक्षणिक उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रमुख नेत्र रोग विशेषज्ञों को वैज्ञानिक विचारों के आदान-प्रदान, नवाचार और नेत्र चिकित्सा में प्रगति के लिए एक मंच पर लाना है।

सम्मेलन का आयोजन यूपीओएस अध्यक्ष डॉ. शशांक कुमार के नेतृत्व में किया गया। इसमें सोसायटी के पदाधिकारियों, विशेष रूप से डॉ. अभिषेक चंद्रा, डॉ. दीपक मिश्रा और डॉ. शालिनी मोहन का सहयोग रहा।

व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर देते हुए सम्मेलन में वेट लैब प्रशिक्षण और सर्जिकल स्किल ट्रांसफर कोर्स भी आयोजित किया गया। प्रो. एस. एम. जाकिर के मार्गदर्शन और समन्वय में लगभग 90 नेत्र रोग विशेषज्ञों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। वैज्ञानिक कार्यक्रम का समन्वय डॉ. नाहिद अख्तर ने किया। इसमें विशेषज्ञ व्याख्यान, वैज्ञानिक सत्र, शल्य चिकित्सा प्रदर्शन और संवादात्मक चर्चाएं शामिल थीं।

सम्मेलन का संयुक्त आयोजन एएमयू के नेत्र विज्ञान संस्थान, गांधी आई हॉस्पिटल और अलीगढ़ के नेत्र चिकित्सा समुदाय ने स्थानीय आयोजन समिति तथा यूपीओएस नेतृत्व के सहयोग से किया।

समापन संबोधन में प्रो. सिमी जका उर रब ने विशिष्ट अतिथियों, यूपीओएस पदाधिकारियों, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों और आयोजन टीम के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. अजय सक्सेना, प्रो. अब्दुल वारिस, डॉ. जीशान रईस खान, डॉ. अर्चना भटनागर, प्रो. हिना कौसर, प्रो. एस. एम. जाकिर, डॉ. नाहिद अख्तर, डॉ. मोहम्मद साकिब, डॉ. अहमद अब्दुल्ला, डॉ. मोहम्मद फराज, डॉ. रवि जैन और डॉ. महबूब आलम सहित स्थानीय आयोजन समिति के अन्य सदस्यों के योगदान की सराहना की।

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