एएमयू के विभागों, केंद्रों और विद्यालयों में रचनात्मक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय गतिविधियों के साथ गांधी जयंती मनाई

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, केंद्रों, विद्यालयों और एक छात्रावास में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक सेवा के गांधीवादी मूल्यों पर जोर दिया गया।
विश्वविद्यालय ललित कला क्लब, सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र ने ‘जिस बदलाव को आप दुनिया में देखना चाहते हैं, वह बदलाव स्वयं बनें’ विषय पर नारा लेखन और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की। लगभग 50 विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया और सकारात्मक सामाजिक बदलाव, सत्य, अहिंसा, शांति, समानता, स्वच्छता तथा सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का समन्वय प्रो. मोहम्मद रिजवान खान, डॉ. वसीम मुश्ताक और हारिस रजा अशरफ ने किया।
इतिहास विभाग के उन्नत अध्ययन केंद्र ने गांधी जयंती के अवसर पर पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्र के अध्यक्ष एवं समन्वयक प्रो. हसन इमाम ने किया।
प्रदर्शनी में महात्मा गांधी, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, गांधीवादी विचारधारा तथा उनके राजनीतिक और सामाजिक विचारों से संबंधित साहित्य प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण महात्मा गांधी की संपूर्ण रचनाओं का 90 खंडों का संग्रह रहा, जिसे भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग ने प्रकाशित किया है।
प्रदर्शनी में प्रो. सुरंजन दास और थॉमस वेबर सहित विभिन्न इतिहासकारों एवं विद्वानों की शोधपरक कृतियां भी प्रदर्शित की गईं। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को महात्मा गांधी तथा स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित दस्तावेजी स्रोतों और ऐतिहासिक शोध को समझने का अवसर मिला।
प्रदर्शनी का आयोजन प्रो. एम. वसीम राजा ने किया, जबकि डॉ. अनीसा इकबाल साबिर और डॉ. सैफुल्लाह सैफी सह-आयोजक रहे।
राष्ट्रीय सेवा योजना, एएमयू ने भी राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मोहम्मद मोहसिन खान के मार्गदर्शन में गांधी जयंती कार्यक्रम आयोजित किया। महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधारोपण किया गया। यह कार्यक्रम स्वच्छ भारत दिवस गतिविधियों का हिस्सा था। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी नईम अहमद और स्वयंसेवकों ने इसमें भाग लिया।
अहमदी दृष्टिबाधित विद्यालय में गांधी जयंती के साथ लाल बहादुर शास्त्री जयंती भी मनाई गई। दोनों महापुरुषों को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उनके जीवन और मूल्यों पर प्रस्तुति दी गई। विद्यालय की स्वच्छता व्यवस्था में योगदान के लिए सफाई मित्र प्रेमपाल और रवि को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई।
एएमयू एबीके हाई स्कूल (छात्राओं) में विशेष प्रार्थना सभा, वृत्तचित्र प्रदर्शन और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें गांधी जी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और आत्मानुशासन के आदर्शों को रेखांकित किया गया। छात्राओं ने ‘स्वच्छता-सफाई अभियान’ विषय पर रिपोर्ट तैयार की और उद्धरण लेखन प्रतियोगिता में भाग लिया।
अब्दुल्ला स्कूल में ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधारोपण और श्रमदान अभियान चलाया गया। स्कूल की अधीक्षिका उमरा जहीर ने विद्यालय के सफाई मित्रों को उनकी सेवाओं के लिए प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
एएमयू सिटी गर्ल्स हाई स्कूल में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ के तहत विशेष प्रार्थना सभा, स्वच्छता शपथ और पौधारोपण सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। एएमयू गर्ल्स स्कूल में भी गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती मनाई गई। इस अवसर पर ध्वजारोहण, भाषण, स्वच्छता शपथ, पौधारोपण तथा नारा लेखन, कला और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कार्यक्रम प्रधानाचार्या अमना मलिक और उप-प्रधानाचार्या अलका अग्रवाल के मार्गदर्शन में हुए।
राजा महेंद्र प्रताप सिंह एएमयू सिटी स्कूल में भी गांधी जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. मोहम्मद फैय्याजुद्दीन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित लोगों से सत्य तथा अहिंसा के आदर्शों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
एसटीएस स्कूल में गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री को भाषणों और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से याद किया गया। कार्यक्रमों में सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और कर्तव्य के मूल्यों पर प्रकाश डाला गया। प्रधानाचार्य फैसल नफीस ने स्वच्छता, जिम्मेदारी और स्वस्थ जीवन से संबंधित शपथ दिलाई। इसके बाद ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधारोपण किया गया।
बेगम अजीजुन निसा हॉल में प्रोवोस्ट प्रो. आसिया सुल्ताना के मार्गदर्शन में ‘श्रमदान एवं सामुदायिक सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्रावास की छात्राओं और कर्मचारियों ने सफाई, भोजन तैयार करने और उसके वितरण में भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से श्रम की गरिमा, आत्मनिर्भरता, सहयोग और सामुदायिक सेवा के मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया गया।



