एएमयू छात्रसंघ चुनाव की मांग के समर्थन में उतरे पूर्व अध्यक्ष नफीस अहमद
यासिर फहद की 10 दिन से जारी भूख हड़ताल पर जताई चिंता, इंतजामिया से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील

अलीगढ़, 30 सितंबर (मोहम्मद कामरान)। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में अब पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और वर्तमान में समाजवादी पार्टी के विधायक नफीस अहमद ने भी आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि एएमयू से उनका रिश्ता केवल एक इदारे का नहीं, बल्कि वहां के छात्रों, उनकी उम्मीदों, जज्बात और आवाज से जुड़ा हुआ है।
नफीस अहमद ने कहा कि छात्रसंघ अध्यक्ष के तौर पर एएमयू के छात्रों के बीच बिताया गया समय उनकी जिंदगी की महत्वपूर्ण यादों में शामिल है। ऐसे में जब विश्वविद्यालय के छात्र छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं, तो उनके साथ खड़ा होना उनके लिए केवल समर्थन का विषय नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने छात्र यासिर फहद की 10 दिन से जारी भूख हड़ताल को लेकर चिंता जताते हुए एएमयू इंतजामिया से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ बातचीत के जरिए ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए, जिससे उनकी मांग का सम्मान भी हो और उनकी सेहत को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने कहा कि छात्रसंघ केवल चुनाव का नाम नहीं है, बल्कि यह छात्रों को अपनी बात रखने, अपने प्रतिनिधि चुनने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब देश की कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से हो रहे हैं, तो एएमयू के छात्रों की इस मांग पर भी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए।
नफीस अहमद ने छात्रों से अपील की कि वे अपने हक और जायज मांग के लिए आवाज उठाते रहें, लेकिन लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और संविधानसम्मत रास्ते को ही अपनाएं। उन्होंने छात्रों से हौसला बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उनकी आवाज की अहमियत है और उनकी कोशिश बेकार नहीं जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वह इस लोकतांत्रिक संघर्ष में छात्रों के साथ हैं और उम्मीद करते हैं कि बातचीत, समझदारी और आपसी सम्मान के जरिए इस मसले का सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा।


