एएमयू के मनाफिउल अजा विभाग ने डाटा डिजाइन और डाटा ऐनालाइसेज पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के यूनानी चिकित्सा संकाय के मनाफेउल अजा (फीजियोलोजी) विभाग ने ‘व्यावहारिक कौशल के साथ डाटा डिजाइन और डाटा ऐनालाइसेज विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला में शिक्षकों, शोधकर्ताओं, परास्नातक शोधार्थियों और विद्यार्थियों को शोध आंकड़ों के प्रबंधन तथा सांख्यिकीय विश्लेषण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अध्यक्षों, एएमयू तथा अन्य संस्थानों के शिक्षकों, शोधकर्ताओं, परास्नातक शोधार्थियों और विद्यार्थियों सहित कुल 62 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
मनाफेउल अजा विभाग के अध्यक्ष कैप्टन प्रो. फारूक अहमद डार ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए व्यावहारिक शोध कौशल विकसित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रभावी शोध के लिए केवल सुव्यवस्थित शोध प्रश्न ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आंकड़ों का व्यवस्थित निर्माण, सही तरीके से आंकड़े दर्ज करना, उचित ढंग से आंकड़ों की सफाई और सार्थक सांख्यिकीय विश्लेषण भी आवश्यक है।
मुख्य अतिथि एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. मोहम्मद अतहर अंसारी ने अपने अनुभवों और प्रसंगों के माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए शोध आंकड़ों को सही ढंग से तैयार करने और उनका विश्लेषण करने के व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेहतर आंकड़ा प्रबंधन शोध की विश्वसनीयता और उपयोगिता को बढ़ाता है।
ए.के. तिब्बिया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. बदरुद्दुजा खान ने प्रतिभागियों को लगातार नए कौशल सीखने और अपने शैक्षणिक एवं पेशेवर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया। यूनानी चिकित्सा संकाय की अधिष्ठाता प्रो. सैयदा आमिना नाज ने चिकित्सकीय शोध में डाटा साइंस के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह यूनानी चिकित्सा के क्षेत्र में शोध को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पहला तकनीकी सत्र ‘एक्सेल के माध्यम से आंकड़ा तैयार करने और उसका स्वरूप निर्धारित करने की कला’ विषय पर आयोजित किया गया। इसे एएमयू के पेट्रोलियम अध्ययन विभाग के प्रो. मोहम्मद यूसुफ अंसारी ने संचालित किया। व्यावहारिक सत्र में आंकड़ों की सफाई, छंटाई, पिवट तालिका तथा शोध आंकड़ों के प्रबंधन में उपयोगी एक्सेल के अन्य उपकरणों की जानकारी दी गई।
दूसरे सत्र में भोजनावकाश के बाद ‘एसपीएसएस के माध्यम से आंकड़ा विश्लेषण’ विषय पर सत्र आयोजित किया गया, जिसे प्रो. फारूक अहमद डार ने संचालित किया। प्रतिभागियों को सांख्यिकीय विश्लेषण से परिचित कराया गया और एसपीएसएस के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इससे प्रतिभागियों को व्यवस्थित शोध आंकड़ों को सार्थक सांख्यिकीय परिणामों में बदलने की व्यावहारिक जानकारी मिली।
कार्यशाला के आयोजन में डॉ. सबा जैदी, डॉ. आयशा ऐजाज और डॉ. अतिया समद ने सहयोग किया। डॉ. आयशा ऐजाज ने पहले तकनीकी सत्र तथा डॉ. अतिया समद ने दूसरे तकनीकी सत्र का समन्वय किया।
डॉ. सबा जैदी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अतिथियों, विशेषज्ञ वक्ताओं, शिक्षकों, आयोजन दल और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उद्घाटन सत्र का संचालन आयोजन सचिव डॉ. हाफिज इक्तिदार अहमद ने किया।
कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने एक्सेल आधारित आंकड़ा निर्माण और आंकड़ों की सफाई तथा एसपीएसएस आधारित आंकड़ा विश्लेषण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।



