एएमयू वास्तुकला विभाग के विद्यार्थी ने चंद्रयान अभियानों पर इसरो की राष्ट्रीय बैठक में भाग लिया

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वास्तुकला विभाग के द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी मोहम्मद अशहर जमाल ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की ओर से 28 से 30 सितंबर तक बेंगलुरु स्थित इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स प्रणाली प्रयोगशाला में आयोजित ‘चंद्रयान अभियानों के माध्यम से चंद्रमा का वैज्ञानिक अन्वेषण’ विषयक तीन दिवसीय राष्ट्रीय बैठक में भाग लिया।
बैठक का उद्घाटन इसरो के वैज्ञानिक सचिव एम. गणेश पिल्लई ने किया। इस अवसर पर इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स प्रणाली प्रयोगशाला के निदेशक आर. वेंकटेश्वरन, भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला के निदेशक प्रो. अनिल भारद्वाज तथा विज्ञान कार्यक्रम कार्यालय के निदेशक डॉ. तीर्थ प्रतिम दास उपस्थित रहे।
इस राष्ट्रीय बैठक में लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 45 से अधिक संस्थानों के 75 शिक्षाविद एवं शोधकर्ता तथा चंद्रमा से संबंधित अनुसंधान कर रहे 36 विद्यार्थी शामिल थे। प्रतिभागियों ने ग्रह विज्ञान, खगोलजीव विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, अभियांत्रिकी और वास्तुकला सहित विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया।
बैठक में चंद्रयान-1, चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 के वैज्ञानिक योगदान, इन अभियानों से प्राप्त अनुभवों तथा भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें चंद्रयान-4 के अंतर्गत नमूने पृथ्वी पर लाने का अभियान तथा जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के सहयोग से प्रस्तावित चंद्रयान-5 यानी लूपेक्स अभियान शामिल हैं। चर्चा में भारत के अंतरिक्ष दृष्टिकोण-2040 पर भी विचार किया गया, जिसके अंतर्गत वर्ष 2040 तक मनुष्यों को चंद्रमा पर उतारने का लक्ष्य शामिल है।



