नीतियों और राष्ट्रीय परिवर्तनों का अकादमिक अध्ययन, किसी व्यक्ति का प्रचार नहीं हमारा उद्देश्य : प्रो. जसीम मोहम्मद

‘नमो’ नाम से आगे राष्ट्र निर्माण की व्यापक दृष्टि, शोध और संवाद का मंच है सेंटर फॉर नमो स्टडीज़

 

सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ को लेकर समाज के एक छोटे वर्ग में बनी इस धारणा को कि यह संस्था केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व और राजनीतिक अच्छे बनावटी कार्यों के अध्ययन तक सीमित है, संस्था के प्रबंध न्यासी प्रो. जसीम मोहम्मद ने ख़ारिज किया है। उन्होंने बताया कि सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ का व्यापक उद्देश्य व्यक्ति विशेष से आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण, नीति-अध्ययन, सुशासन और भारत के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर शोध एवं सार्थक राष्ट्रीय विमर्श को बढ़ावा देना है। संस्था के संविधान और संरचना में कहीं भी किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं है। व्यक्ति विशेष से तात्पर्य है भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी श्री नरेन्द्र मोदी जी का।

प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ भारत में पंजीकृत एक स्वतंत्र न्यास है, जो शोध, संवाद और बौद्धिक विमर्श को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में कार्य कर रहा है। संस्था के अध्ययन का क्षेत्र विकसित भारत 2047, सार्वजनिक नीति, सुशासन, सामाजिक-आर्थिक विकास, लोकतांत्रिक संस्थाओं, शिक्षा, युवा नेतृत्व और वैश्विक पटल पर भारत की भूमिका जैसे व्यापक विषयों तक फैला हुआ है।

उन्होंने ज़िम्मेदारी के साथ बताया कि संस्था के नाम में ‘नमो’ संस्कृति का शब्द अवश्य है, लेकिन इसे किसी व्यक्ति, राजनीतिक दल या दलगत विचारधारा के साथ सीमित करके देखना संस्था की विश्व व्यापक दृष्टि को संकुचित करना होगा। भारत जैसे बहुलतावादी और विविधतापूर्ण लोकतंत्र में विकास की दिशा तय करने के लिए विभिन्न विचारों, दृष्टिकोणों और अनुभवों के बीच स्वस्थ एवं तथ्याधारित संवाद आवश्यक है।

प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की नीतियों, नेतृत्व, कार्यक्रमों और जनसंवाद के विभिन्न माध्यमों, जिसमें आकाशवाणी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम भी शामिल है, का अध्ययन संस्था के शोध क्षेत्र का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, ऐसे अध्ययन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक दल का प्रचार करना नहीं, बल्कि उन नीतियों, विचारों और राष्ट्रीय परिवर्तनों का अकादमिक एवं शोधपरक विश्लेषण करना है, जिन्होंने समकालीन भारत को प्रभावित किया है।

उन्होंने इस बात पर ज़ोर देकर कहा कि सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ न तो किसी राजनीतिक दल का मंच है और न ही सरकार का प्रचार माध्यम। यह अनुसंधान, विचार-विमर्श और राष्ट्र निर्माण के लिए एक अकादमिक एवं वैचारिक मंच के रूप में अपनी भूमिका विकसित करना चाहता है।

प्रो. जसीम मोहम्मद के अनुसार संस्था का प्रयास देश के विद्वानों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, युवाओं, नीति-विशेषज्ञों और समाज के विभिन्न वर्गों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, ताकि भारत की उपलब्धियों के साथ-साथ उसकी चुनौतियों और संभावनाओं पर भी गंभीर, संतुलित और तथ्यपरक चर्चा हो सके।

प्रो जसीम मोहम्मद ने कहा, “सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ का लक्ष्य किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि भारत के बेहतर भविष्य के लिए शोध और विचार की संस्कृति को मजबूत करना है।”

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