समाज कार्य विभाग ने नए एमएसडब्ल्यू विद्यार्थियों के लिए 31वां इंडाक्शन कार्यक्रम आयोजित किया

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग ने कला संकाय के लाउंज में एमएसडब्ल्यू प्रथम सेमेस्टर के नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए 31वें इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया। 21 से 28 सितंबर तक चलने वाले इस सप्ताह भर के कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय और विभाग के शैक्षणिक वातावरण, उपलब्ध अवसरों तथा व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के महत्व से परिचित कराना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में प्रवेश पर बधाई दी और विभाग की उपलब्धियों की सराहना की। विभाग में शिक्षक के रूप में अपने जुड़ाव को याद करते हुए उन्होंने इसे विश्वविद्यालय का प्रमुख विभाग बताया।

उन्होंने समाज कार्य शिक्षा में रोजगार की व्यापक संभावनाओं पर जोर देते हुए विभाग की जनसंपर्क गतिविधियों, देश-विदेश के विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग तथा शोध परियोजनाओं की सराहना की। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से विभाग को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत बनाने के लिए प्रयास जारी रखने का आह्वान किया।

प्रो. नइमा खातून ने विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व के समग्र विकास पर ध्यान देने और एएमयू में मिले समय का भरपूर उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने विश्वविद्यालय की परंपरा ‘शिक्षा के साथ तरबियत का उल्लेख करते हुए शिक्षा के साथ नैतिक और व्यक्तिगत विकास को भी महत्वपूर्ण बताया तथा विद्यार्थियों से भटकाव से बचते हुए अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।

विशिष्ट अतिथि और छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एम. अतहर अंसारी ने समाज में समाज कार्यकर्ताओं के योगदान को रेखांकित किया और विभाग के कार्यों की सराहना की। उन्होंने पोलियो उन्मूलन अभियान में सामुदायिक चिकित्सा विभाग, यूनिसेफ और समाज कार्य विभाग के सहयोग को याद करते हुए विद्यार्थियों से समर्पण, प्रेरणा, मानवता और अच्छे श्रोता बनने के गुण विकसित करने का आह्वान किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को अपने समग्र विकास के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न क्लबों और रुचि क्लबों से जुड़ने तथा अध्ययन, पुस्तकालय, रुचियों और खेलों में समय का उपयोग करने की सलाह दी।

विभाग के सेवानिवृत्त अध्यक्ष प्रो. नसीम अहमद ने विभाग की शैक्षणिक प्रतिष्ठा और एएमयू की संस्कृति को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सामुदायिक सहभागिता, कौशल विकास, शोध परियोजनाओं और रोजगार के बेहतर अवसरों पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आए विद्यार्थियों को अभिमुखीकरण कार्यक्रम का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. इकराम हुसैन ने विद्यार्थियों को स्वयं को समझने और जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह दी। उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों से आगे बढ़कर व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया तथा विद्यार्थियों को शारीरिक व्यायाम, एनसीसी, एनएसएस और विश्वविद्यालय के अन्य क्लबों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

इससे पहले कार्यक्रम के स्वागत भाषण में इंडक्शन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. मोहम्मद ताहिर ने विभाग की उपलब्धियों और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग वर्ष 2018 से लगातार देश के शीर्ष 12 समाज कार्य शिक्षण संस्थानों में शामिल रहा है और 2026 की आउटलुक-आईकेयर रैंकिंग में देश के शीर्ष 35 समाज कार्य संस्थानों में 12वां स्थान हासिल किया है।

उन्होंने बताया कि विभाग का परिसर रोजगार चयन रिकॉर्ड 80 से 85 प्रतिशत रहा है। विद्यार्थियों का चयन पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, जिंदल पावर, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, प्रदान, यूनिसेफ और उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी संस्थाओं में हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले पांच शैक्षणिक सत्रों में विभाग के 30 विद्यार्थियों ने कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति और राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा में सफलता हासिल की है।

डॉ. ताहिर ने बताया कि विभाग गांव गोद लेने के कार्यक्रम और उन्नत भारत अभियान के लिए एएमयू का नोडल कार्यालय है तथा गोद लिए गए गांवों में विभिन्न जनसंपर्क गतिविधियां संचालित करता है। उन्होंने जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय, आईआईटी दिल्ली, उत्तर प्रदेश की एमडीएम प्राधिकरण, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, जल जीवन मिशन और पंचायती राज विभाग सहित विभिन्न संस्थानों और संगठनों के साथ सहयोग और समझौता ज्ञापनों की भी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि विभाग ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से मिले सुझावों के आधार पर पाठ्यक्रम में बदलाव किया है तथा चार नए वैकल्पिक प्रश्नपत्र शामिल किए हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं मनोरोग समाज कार्य तथा गैर-सरकारी संगठन प्रबंधन और कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व में नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव है।

डॉ. मोहम्मद आरिफ खान ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि डॉ. कुर्रतुलऐन अली ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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