मोदी सरकार के 12 वर्ष सेवाकाल पर ‘नमो विकसित भारत संवाद’ संस्करण का उद्घाटन सत्र जून 18 को, माँ हीराबेन मोदीजी जयंती को समर्पित
सेन्टर फॉर नमो स्ट्डीज के राष्ट्रीय उद्घाटन सत्र "कल्याण से महिला-नेतृत्व वाले विकास तक" विषय पर केंद्रित, उद्घाटन सत्र जून 18 को

टीएनएन समाचार : “स्त्री तीनों लोकों की जननी है। वह तीनों लोकों की साक्षात अभिव्यक्ति है। वह संपूर्ण ब्रह्मांड का आधार है और शक्ति का वास्तविक स्वरूप है। पिछले 12 वर्षों में, नरेन्द्र मोदी सरकार ने महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया है और यह सभी क्षेत्रों में दिखाई देता है” प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकासकाल के मंत्र को परिभाषित करते हुए “नमो विकसित भारत संवाद” का पहला सत्र का आयोजन सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ और भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से, 18 जून 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित हो रहा है। जिसका विषय “कल्याण से महिला-नेतृत्व वाले विकास तक”।
यह 12 संगोष्ठी वाला संस्करण सेन्टर फॉर नमो स्ट्डीज द्वारा शुरू की जा रही एक देशव्यापी संवाद सीरीज़ का हिस्सा है। इसका मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न पर चर्चा के लिए शिक्षाविदों, छात्रों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और युवाओं को शामिल करना है।
इस कार्यक्रम की घोषणा करते हुए, सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ के चेयरमैन प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि भारत ने महिलाओं को केवल कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के रूप में देखने से लेकर देश की विकास प्रक्रिया में उन्हें सक्रिय भागीदार और नेतृत्व के रूप में पहचानने तक का एक ऐतिहासिक बदलाव देखा है।
सेन्टर फॉर नमो स्ट्डीज देश का पहला स्वयंसेवी संस्था जो महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार के प्रयासों पर बल दिया है।
प्रो. जसीम मोहम्मद ने बताया कि, “महिलाओं पर केंद्रित कल्याण से महिला-नेतृत्व वाले विकास तक का सफ़र ‘नए भारत’ के सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। आज, महिलाएं न केवल सरकारी पहलों की लाभार्थी हैं, बल्कि वे अलग-अलग क्षेत्रों में निर्णय लेने वालों, उद्यमियों, इनोवेटर्स, चुने हुए प्रतिनिधियों और लीडर्स के रूप में उभर रही हैं।”
प्रो दिव्यातंवर ने बताया कि, “महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व के बिना ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। ‘नमो विकसित भारत संवाद’ सीरीज़ के ज़रिए हम विद्वानों, छात्रों और विचारकों को एक साथ लाना चाहते हैं ताकि उन नीतियों, उपलब्धियों, चुनौतियों और अवसरों की समीक्षा की जा सके जो भारत की विकास यात्रा को परिभाषित करते हैं।”
प्रो. जसीम मोहम्मद के अनुसार, यह संवाद सीरीज़ गवर्नेंस, सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास, इनोवेशन, युवा सशक्तिकरण, सस्टेनेबिलिटी और समावेशी विकास से जुड़े मुख्य विषयों पर रचनात्मक चर्चा के लिए एक बौद्धिक मंच के रूप में काम करेगी। “नमो विकसित भारत संवाद” सीरीज़ 18 जून से 17 सितंबर तक जारी रहेगी। इसमें राष्ट्र-निर्माण के अलग-अलग पहलुओं और 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के रोडमैप पर अलग-अलग विषयों पर चर्चा की जाएगी।

जावेद रहमानी ने बताया कि सरकार के प्रयास गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण पर आधारित हैं। उन्होंने ऐसा वातावरण बनाने में सहायता की है जहां महिलाएं अपनी पूरी क्षमता को महसूस कर सकें और राष्ट्र निर्माण में और भी अधिक मजबूती से योगदान दे सकें।



