टप्पल का आजीविका मॉडल बना वैश्विक मिसाल, नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल ने किया अध्ययन

अलीगढ़, 8 जुलाई। मोहम्मद कामरान

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के अंतर्गत टप्पल विकासखंड में संचालित स्वयं सहायता समूहों के सफल मॉडल का अध्ययन करने के लिए नाइजीरिया के 28 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को टप्पल का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने महिलाओं द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा तथा ग्रामीण विकास योजनाओं का अवलोकन किया और उन्हें अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय बताया।

प्रतिनिधिमंडल ने भरतपुर और जट्टारी क्षेत्र में संचालित बैग निर्माण इकाई, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट सहित विभिन्न आजीविका परियोजनाओं का निरीक्षण किया तथा ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।

एनआरएलएम की उपायुक्त डॉ. मंजू त्रिवेदी ने बताया कि नाइजीरिया का यह प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) के अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत भारत आया है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल स्वयं सहायता समूहों, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के सफल मॉडल का अध्ययन कर रहा है। उन्होंने बताया कि टप्पल को राष्ट्रीय स्तर पर “नेशनल इमर्शन साइट” का दर्जा प्राप्त है, जहां देश-विदेश से प्रतिनिधिमंडल समय-समय पर अध्ययन के लिए आते रहते हैं।

प्रतिनिधिमंडल की सदस्य एवं नाइजीरिया की सुप्रीम मैनेजमेंट ट्रेनिंग एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज की डिप्टी चीफ कंसल्टेंट सेसिलिया ओलुवातोयिन ओलोमो ने भारत में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि भारत का यह मॉडल नाइजीरिया सहित अन्य विकासशील देशों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।

जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि वर्ष 2024 में टप्पल को नेशनल इमर्शन साइट के रूप में चयनित किए जाने के बाद यह क्षेत्र स्वयं सहायता समूहों के सफल मॉडलों के अध्ययन का प्रमुख केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि पहली बार नाइजीरिया का अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल यहां अध्ययन के लिए पहुंचा है, जो यहां के अनुभवों का उपयोग अपने देश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में करेगा। उन्होंने इसे अलीगढ़ जनपद और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए गौरव का विषय बताया।

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