जेएन मेडिकल कालिज में आधुनिक इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी से लीवर कैंसर के उपचार को बढ़ावा

 

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में जटिल बीमारियों के उपचार के लिए आधुनिक और कम चीरा लगाने वाली चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी दिशा में रेडियोडायग्नोसिस विभाग की ओर से ‘लीवर कैंसर के उपचार में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजीः नवीन प्रगति’ विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम और कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यक्रम में शिक्षक, रेजीडेंट, प्रतिनिधि और चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए। इसमें लीवर कैंसर के उपचार में चित्र-निर्देशित और कम चीरा लगाने वाली चिकित्सा प्रक्रियाओं की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने रक्त वाहिकाओं के माध्यम से किए जाने वाले उपचार, ट्यूमर को समाप्त करने की तकनीक और अन्य लक्षित उपचार विधियों में हुई नई प्रगति की जानकारी दी। इन आधुनिक विधियों से कम जोखिम और कम चीरा लगाकर अधिक सटीक उपचार संभव है।

मुख्य शैक्षणिक सत्र किंग फैसल विशेषज्ञ अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, जेद्दा के रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. जरगम जिया ने लिया। क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल और बर्मिंघम विश्वविद्यालय में कार्य करने के अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव के आधार पर उन्होंने इंटरवेंशनल कैंसर चिकित्सा की आधुनिक पद्धतियों और लीवर कैंसर के उपचार में उभरती नई संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।

एएमयू के सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने रेडियोडायग्नोसिस विभाग को इस शैक्षणिक कार्यक्रम के आयोजन पर बधाई दी और जेएन मेडिकल कालिज में विकसित की जा रही इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी सेवाओं की सराहना की।

चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. मोहम्मद खालिद तथा जेएन मेडिकल कालिज के प्राचार्य एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अंजुम परवेज ने कैंसर उपचार को बेहतर बनाने में कम चीरा लगाने वाली आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का आयोजन आयोजन अध्यक्ष प्रो. मेहताब अहमद, आयोजन सचिव प्रो. सैफुल्लाह खालिद और आयोजन सह-सचिव डॉ. एस. एम. दानिश कासिम के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का संचालन जूनियर रेजीडेंट डॉ. असना इल्हाम ने किया।

कार्यक्रम ने विशेषज्ञों के अनुभव साझा करने, विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों के बीच सीखने और आधुनिक तकनीकों को चिकित्सा सेवाओं में शामिल करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

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