एएमयू ने जिला कारागार की महिला बंदियों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता शिविर लगाया

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के यूनानी चिकित्सा संकाय के अजमल खान तिब्बिया कॉलेज के निसवां व कबालत विभाग ने विश्व स्तनपान सप्ताह-2026 के अंतर्गत जिला कारागार, अलीगढ़ में महिला स्वास्थ्य एवं स्तनपान जागरूकता शिविर आयोजितकिया। यह शिविर दवाखाना तिब्बिया कॉलेज और सक्षम भारत फाउंडेशन के सहयोग से लगाया गया।

शिविर का उद्देश्य महिला बंदियों और कारागार की महिला कर्मचारियों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, स्तनपान, महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण तथा रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूक करना था। इस पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय ने समाज के वंचित वर्गों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और स्वास्थ्य शिक्षा पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

शिविर की समन्वयक डॉ. फहमीदा जीनत ने स्तनपान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह माँ और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, उसके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने तथा माँ और बच्चे में विभिन्न बीमारियों के खतरे को कम करने के उपायों की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कारागार के अधीक्षक पंकज कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर उपाधीक्षक राजेंद्र कुमारी, उपकारापाल सुमरा अंसारी तथा अन्य कारागार अधिकारी उपस्थित रहे। निसवां व कबालत विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर सुबूही मुस्तफा ने कहा कि विभाग विशेष रूप से वंचित और जरूरतमंद वर्ग की महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए नियमित रूप से जागरूकता और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

शिविर में स्नातकोत्तर चिकित्सकों की टीम ने महिला बंदियों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें व्यक्तिगत परामर्श दिया तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के बारे में चिकित्सकीय सलाह प्रदान की। कारागार की महिला कर्मचारियों को भी निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और विशेषज्ञों से परामर्श का लाभ मिला।

दवाखाना तिब्बिया कॉलेज की ओर से रक्तवर्धक, गर्भाशय को सुदृढ़ बनाने वाली तथा सामान्य रोगों की यूनानी औषधियों का निःशुल्क वितरण किया गया। लाभार्थियों को आवश्यक पोषण सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।

विशेषज्ञों ने स्तनपान कराने की सही विधि और शिशु को गोद में रखने की उचित स्थिति का प्रदर्शन किया, विशेष रूप से शल्य प्रसव के बाद माताओं के लिए उपयोगी तरीकों की जानकारी दी। साथ ही संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीने और नियमित स्तनपान के माध्यम से माँ के दूध की मात्रा बढ़ाने के उपाय बताए गए। स्तनपान से जुड़ी कई भ्रांतियों और गलत धारणाओं का भी वैज्ञानिक आधार पर निराकरण किया गया।

विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत विभाग द्वारा पूरे सप्ताह जागरूकता कार्यक्रम, बाह्य रोगी परामर्श, औषधि वितरण और सामुदायिक स्वास्थ्य गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन प्रयासों के माध्यम से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक कल्याण में निरंतर योगदान दे रहा है।

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