स्वतंत्रता दिवस पर देश को समर्पित होगा कश्मीर संस्मरण पर मेरी पुस्तक : एडवोकेट मोहम्मद ईरशाद अहमद
कश्मीर के ख़ूबसूरत वादियों पर आधारित एडवोकेट ईरशाद अहमद की यात्रा संस्मरण, स्वतंत्र दिवस पर होगा लोकार्पण

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के अधिवक्ता एवं लेखक मोहम्मद इरशाद अहमद की नवीनतम यात्रा संस्मरण पुस्तक “कश्मीर – ए जर्नी बियॉन्ड टाइम” का औपचारिक लोकार्पण स्वतंत्रता दिवस 2026 पर होगा। अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल, पब्लिकेशन्स सेक्रेटेरिएट द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक अंतिम प्रकाशन प्रक्रिया में है और शीघ्र ही पाठकों के लिए उपलब्ध होगी।
यह पुस्तक लेखक की श्रीनगर तथा उसके आसपास के क्षेत्रों की छह दिवसीय यात्रा पर आधारित है। यह केवल एक यात्रा-वृत्तांत नहीं, बल्कि कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत, मानवीय संवेदनाओं और आत्मीय मित्रताओं का जीवंत दस्तावेज़ है।
पुस्तक में बर्फ से ढके पर्वतों, हरी-भरी वादियों, प्रसिद्ध मुगल गार्डनों, शांत झीलों, बहते झरनों, डल झील और निगीन झील में तैरते मनमोहक शिकारों तथा हाउसबोटों का अत्यंत सजीव और भावपूर्ण चित्रण किया गया है। प्रत्येक अध्याय पाठकों को ऐसा अनुभव कराता है मानो वे स्वयं कश्मीर की अनुपम वादियों की यात्रा कर रहे हों।
इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता कश्मीरी लोगों की आत्मीयता और मेहमाननवाज़ी का चित्रण है। लेखक अपने मित्रों के घरों में ठहरे तथा कश्मीर विश्वविद्यालय के रमणीय नसीम बाग गेस्ट हाउस में भी निवास किया। चिनार के विशाल वृक्षों और डल झील के मनोहारी दृश्य से घिरे इस परिसर ने लेखक को कश्मीर के जीवन, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को निकट से समझने का अवसर प्रदान किया।
यह पुस्तक किसी राजनीतिक विमर्श पर आधारित नहीं है। इसका उद्देश्य केवल कश्मीर की प्राकृतिक छटा, सांस्कृतिक समृद्धि, मानवीय रिश्तों और मित्रता की गरिमा को प्रस्तुत करना है। लेखक का विश्वास है कि कश्मीर केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर का अमूल्य प्रतीक है।
लेखक मोहम्मद इरशाद अहमद बताते हैं, “कश्मीर केवल देखने की जगह नहीं, बल्कि महसूस करने का एक अद्भुत अनुभव है। यह पुस्तक मेरी उन यादों, मित्रताओं, प्राकृतिक सौंदर्य और लोगों की आत्मीयता को पाठकों तक पहुँचाने का एक विनम्र प्रयास है, जिन्हें मैंने अपनी यात्रा के दौरान महसूस किया। मुझे विश्वास है कि पाठक इस पुस्तक के माध्यम से कश्मीर की वास्तविक आत्मा को जान सकेंगे।”
अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल, पब्लिकेशन्स सेक्रेटेरिएट द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक यात्रा साहित्य, प्रकृति, इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। पुस्तक का लोकार्पण अगस्त 2026 के दूसरे सप्ताह में प्रस्तावित है, जबकि समारोह की विस्तृत जानकारी शीघ्र जारी की जाएगी।



