जेएन मेडिकल कालिज के फार्माकोलॉजी छात्रों ने भारतीय फार्माकोपिया आयोग का दौरा किया

टीएनएन समाचार : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग के 34 पोस्टग्रेजुएट छात्रों, 2 शिक्षकों और 3 तकनीकी स्टाफ के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) और भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी के फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी और पीसीआईएमएण्डएच), गाजियाबाद का दौरा किया। इस शैक्षिक दौरे का नेतृत्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सय्यद जियारहमान ने किया, दौरे का उद्देश्य प्रतिभागियों को दवा मानकीकरण, नियामक प्रथाओं और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में गुणवत्ता नियंत्रण के बारे में एक समृद्ध शैक्षिक अनुभव प्रदान करना था।

आईपीसी और आईपीसी और पीसीआईएमएण्डएच के अधिकारियों ने दवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, नियामक मानकों, सुरक्षा और प्रभावकारिता प्रक्रियाओं पर कई तकनीकी व्याख्यान दिए और औषधि उत्पादों के उच्च मानकों को सुनिश्चित करने की प्रक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।

प्रतिनिधिमंडल ने दवा विश्लेषण, मानकीकरण और आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी दवाओं की गुणवत्ता नियंत्रण की विधियों पर आधारित व्यावहारिक प्रदर्शन में भी भाग लिया। पोस्टग्रेजुएट छात्रों को औषधीय के बारे में जानकारी प्रदान की गई और औषधीय हर्बल गार्डन से एक पौधे का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया गया।

इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल को आईपीसी द्वारा समन्वित दो राष्ट्रीय कार्यक्रमों – भारत का फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम (पीवीपीआई) और मेटेरियाविजिलेंस प्रोग्राम (एमवीपीआई) के बारे में जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों में दवाओं के दुष्प्रभाव और चिकित्सा उपकरणों की सुरक्षा की निगरानी पर ध्यान केंद्रित किया गया और सार्वजनिक स्वास्थ्य में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की गई।

इस दौरे ने एएमयू प्रतिनिधिमंडल और आईपीसी तथा आईपीसी और पीसीआईएमएण्डएच अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण संवाद को बढ़ावा दिया, जिससे प्रतिभागियों के शैक्षिक अनुभव में और वृद्धि हुई। कार्यक्रम का समापन एक समूह फोटो के साथ हुआ, जो इस अवसर को यादगार बनाता है।

प्रोफेसर सय्यद जियारहमान ने इस शैक्षिक यात्रा के आयोजन में मदद करने के लिए डॉ. रमन मोहन सिंह (पीसीआईएमएण्डएच के निदेशक), डॉ. जय प्रकाश (वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी और च्अच्प् के प्रभारी) और डॉ. वी. कलैसेल्वन (वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी और एमवीपीआई के प्रभारी) के प्रति आभार व्यक्त किया।

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