एएमयू छात्रों ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, जौहर यूनिवर्सिटी और सोनम वांगचुक प्रकरण में हस्तक्षेप की मांग
अलीगढ़, 19 जुलाई (मोहम्मद कामरान)। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर को सौंपते हुए रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ कथित ध्वस्तीकरण कार्रवाई तथा सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के मामले पर चिंता व्यक्त की है।
ज्ञापन में छात्रों ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय की इमारतों को ध्वस्त किए जाने के आदेश उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को प्रभावित करने वाले हैं। उनका कहना है कि यह विश्वविद्यालय आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए शैक्षणिक भवनों और सुविधाओं को नुकसान पहुंचने से बड़ी संख्या में छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
छात्रों ने ज्ञापन में यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक और उनके साथियों को हिरासत में लिया जाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकारों के विपरीत है।
ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने राष्ट्रपति से मांग की कि जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित ध्वस्तीकरण आदेशों की समीक्षा कराई जाए तथा नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से ज्ञापन को राष्ट्रपति सचिवालय तक भेजने का अनुरोध भी किया।




