एएमयू की शिक्षिका ने आयुष संस्थानों में गुणवत्ता आश्वासन पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अजमल खां तिब्बिया कॉलेज के यूनानी चिकित्सा संकाय के निस्वां व कबालत विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. फहमीदा जीनत ने ‘आयुष संस्थानों के लिए एक्यूएआर, एसएसआर एवं गुणवत्ता मानकों की तैयारी विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।

उन्होंने यह व्याख्यान आईक्यूएसी  के माध्यम से आयुष संस्थानों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गुणवत्ता संस्कृति को सुदृढ़ बनाना विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ऑनलाइन कार्यशाला में दिया। इस कार्यशाला का आयोजन पुणे स्थित जेड.वी.एम. यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, आजम कैंपस के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा किया गया।

अपने व्याख्यान में डॉ. जीनत ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) की मान्यता प्रक्रिया की मूल अवधारणाओं को स्पष्ट करते हुए संस्थानों में निरंतर गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा देने में आईक्यूएसी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम), क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से आयुष संस्थानों में शैक्षणिक, चिकित्सीय, अनुसंधान तथा औषध निर्माण संबंधी गुणवत्ता मानकों पर जोर दिया।

आईक्यूएसी समन्वयक के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने वार्षिक गुणवत्ता आश्वासन रिपोर्ट (एक्यूएआर) तथा स्व-अध्ययन रिपोर्ट (एसएसआर) तैयार करने की प्रक्रिया, व्यवस्थित दस्तावेजीकरण, साक्ष्य-आधारित रिपोर्टिंग और प्रभावी गुणवत्ता आश्वा

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अजमल खां तिब्बिया कॉलेज के यूनानी चिकित्सा संकाय के निस्वां व कबालत विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. फहमीदा जीनत ने ‘आयुष संस्थानों के लिए एक्यूएआर, एसएसआर एवं गुणवत्ता मानकों की तैयारी विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।

उन्होंने यह व्याख्यान आईक्यूएसी  के माध्यम से आयुष संस्थानों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गुणवत्ता संस्कृति को सुदृढ़ बनाना विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीयऑनलाइन कार्यशाला में दिया। इस कार्यशाला का आयोजन पुणे स्थित जेड.वी.एम. यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, आजम कैंपस के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा किया गया।

अपने व्याख्यान में डॉ. जीनत ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) की मान्यता प्रक्रिया की मूल अवधारणाओं को स्पष्ट करते हुए संस्थानों में निरंतर गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा देने में आईक्यूएसी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम), क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से आयुष संस्थानों में शैक्षणिक, चिकित्सीय, अनुसंधान तथा औषध निर्माण संबंधी गुणवत्ता मानकों पर जोर दिया।

आईक्यूएसी समन्वयक के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने वार्षिक गुणवत्ता आश्वासन रिपोर्ट (एक्यूएआर) तथा स्व-अध्ययन रिपोर्ट (एसएसआर) तैयार करने की प्रक्रिया, व्यवस्थित दस्तावेजीकरण, साक्ष्य-आधारित रिपोर्टिंग और प्रभावी गुणवत्ता आश्वासन की कार्यप्रणाली पर व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने एनएएसी की पीयर टीम के निरीक्षण के दौरान आने वाली चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निरंतर दस्तावेजीकरण, संस्थागत तैयारी, हितधारकों की सक्रिय भागीदारी तथा गुणवत्ता संस्कृति को संस्थान में विकसित करने की रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की।

प्रतिभागियों ने इस सत्र की व्यावहारिक उपयोगिता, तकनीकी गहराई तथा आयुष संस्थानों में गुणवत्ता आश्वासन और प्रत्यायन प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने संबंधी उपयोगी मार्गदर्शन की सराहना की।

सन की कार्यप्रणाली पर व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने एनएएसी की पीयर टीम के निरीक्षण के दौरान आने वाली चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निरंतर दस्तावेजीकरण, संस्थागत तैयारी, हितधारकों की सक्रिय भागीदारी तथा गुणवत्ता संस्कृति को संस्थान में विकसित करने की रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की।

प्रतिभागियों ने इस सत्र की व्यावहारिक उपयोगिता, तकनीकी गहराई तथा आयुष संस्थानों में गुणवत्ता आश्वासन और प्रत्यायन प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने संबंधी उपयोगी मार्गदर्शन की सराहना की।

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