एएमयू की शिक्षिका ने राष्ट्रीय महिला आयोग के उत्पीड़न रोकथाम जागरूकता कार्यक्रम में लिया भाग

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की पीठासीन अधिकारी प्रो. समीना खान ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय महिला आयोग के कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 पर आधारित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।

भारत सरकार के राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों तथा निजी संगठनों से लगभग 1200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उसके पालन को प्रभावी रूप से सुनिश्चित करना तथा संस्थागत व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाना था।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने संबोधित करते हुए महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी कार्यस्थल उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न रोकथाम कानून के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शिकायत निवारण व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न रोकथाम कानून की कानूनी व्यवस्थाओं, शिकायतकर्ता और प्रतिवादी के अधिकारों एवं दायित्वों तथा आंतरिक और स्थानीय शिकायत समितियों द्वारा जांच की प्रक्रिया पर विस्तृतजानकारी दी। इस अवसर पर जांच प्रक्रिया से संबंधित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया तथा इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया।

प्रो. समीना खान ने बताया कि इस प्रशिक्षण से कार्यस्थल से संबंधित शिकायतों के निष्पक्ष, संवेदनशील और पारदर्शी निस्तारण के संबंध में नई जानकारियां प्राप्त हुईं। उन्होंने कहा कि इससे विश्वविद्यालय में कानून के प्रभावी पालन को और मजबूत करने तथा सुरक्षित, समानता पर आधारित और महिला-संवेदनशील परिसर के निर्माण में सहायता मिलेगी।

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