सोनम वांगचुक की हिरासत लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ : अस्सद फारूख
अलीगढ़, 18 जुलाई (मोहम्मद कामरान)। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कांग्रेस के सचिव अस्सद फारूख ने सामाजिक कार्यकर्ता एवं इंजीनियर सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति की आवाज़ को दबाना उचित नहीं है और प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने तथा सरकार से सवाल पूछने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
जारी बयान में अस्सद फारूख ने कहा कि सोनम वांगचुक को जिस तरीके से हिरासत में लिया गया, उससे कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से सामने आई जानकारी के अनुसार उन्हें कथित रूप से डॉक्टर के वेश में आए लोगों द्वारा अपने साथ ले जाया गया, जिससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह उत्पन्न होता है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाने की मांग की।
अस्सद फारूख ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों से असहज है, इसलिए विरोध करने वालों की आवाज़ दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब शिक्षा, रोजगार और अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर है तथा इन्हीं विषयों पर सरकार से जवाब चाहता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब जनता की आवाज़ सुनी जाए, असहमति का सम्मान किया जाए और सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने सरकार से इस पूरे प्रकरण में पारदर्शिता बरतने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की।




