एएमयू के यूनानी मेडिसन संकाय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर कार्यशाला का आयोजन

अलीगढ़,  मोहम्मद कामरान : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ यूनानी मेडिसिन के मनाफेउल अजा विभाग द्वारा फैकल्टी सेमिनार हॉल में “द एआई लैंडस्केपः फाउंडेशंस, फ्रंटियर्स एंड व्हाट कम्स नेक्स्ट” विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यक्रम का आरंभ डॉ. हाफिज इक्तिदार अहमद के परिचयात्मक वक्तव्य से हुआ। उन्होंने ही कार्यशाला का संयोजन एवं संचालन भी किया। कार्यक्रम में लगभग 55 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शिक्षकगण, शोधार्थी तथा एमडी स्कॉलर शामिल थे।
मुख्य वक्ता यूके से आए एआई रिसर्च कंसल्टेंट, एआई एथिक्स लेखक एवं डिजिटल इनोवेशन विशेषज्ञ सैयद मोहम्मद वहीद ने आधुनिक एआई इकोसिस्टम, जनरेटिव एआई, एआई एजेंट्स, रिट्रीवल ऑगमेंटेड जनरेशन (आरएजी), प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एआई मॉडल प्रशिक्षण तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की।
मोहम्मद वहीद ने एआई साक्षरता, नैतिक प्रशासन तथा उभरते नियामक ढांचे, विशेष रूप से ईयू एआई एक्ट, पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को शिक्षा, प्रशासन और पेशेवर विकास में एआई की व्यापक भूमिका को समझने के लिए प्रेरित किया।
इससे पूर्व विभागाध्यक्ष कैप्टन प्रो. फारूक अहमद डार ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और शोध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एआई को केवल “कॉपी-पेस्ट” का माध्यम न मानकर नवाचार, स्मार्ट कार्यप्रणाली और शैक्षणिक उन्नति के उपकरण के रूप में देखा जाना चाहिए। डॉ. सबा जैदी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
 

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