Opinion
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ICSSR Continues to Shape India’s Intellectual and Democratic Foundations – Prof. Jasim Mohammad
The Indian Council of Social Science Research (ICSSR), celebrating its fifty-eighth Foundation Day provides an opportunity to reflect on how…
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विश्व नर्सिंग दिवस पर एएमयू मेडिकल कॉलेज में नर्सों की सेवाओं को सराहा गया
अलीगढ़, 12 मई।मोहम्मद कमरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेएनएमसीएच) में विश्व नर्सिंग दिवस…
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इकरा पब्लिक स्कूल में कला एवं शिल्प प्रदर्शनी तथा अभिभावक-शिक्षक सम्मेलन आयोजित
अलीगढ़, 12 मई-मोहम्मद कमरान इकरा पब्लिक स्कूल परिसर में कला एवं शिल्प प्रदर्शनी तथा अभिभावक-शिक्षक सम्मेलन का भव्य आयोजन किया…
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How Modi and the BJP Changed the Political Landscape of Bengal – Prof Jasim Mohammad
There was a time when people in political circles used to say that West Bengal could never accept the BJP…
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धर्म समाज महाविद्यालय की बड़ी उपलब्धि पर सम्मान समारोह आयोजित
अलीगढ़, 9 मई 2026 (मोहम्मद कामरान) उत्तर प्रदेश स्तर पर उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता पर आधारित हालिया रैंकिंग में…
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युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित, डॉ. ज़ाकिर हुसैन फाउंडेशन ने समाजसेवियों और विशेषज्ञों को किया सम्मानित
अलीगढ़, मई 2026। डॉ. ज़ाकिर हुसैन फाउंडेशन द्वारा अपने प्रमुख अभियान “इंटेलेक्चुअल होराइजन्स” के अंतर्गत 23वीं वार्षिक बैठक एवं राष्ट्रीय…
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अठखम्बा बाबा शाहजमाल के तीन दिवसीय उर्स का रूहानी माहौल में समापन
अलीगढ़, 8 मई (मोहम्मद कामरान) हज़रत अठखम्बा बाबा शाहजमाल रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिवसीय सालाना उर्स अकीदत और एहतराम के…
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अलीगढ़ में सजी साहित्यिक महफ़िल,नीलिमा डालमिया अधर की लेखनी और विचारों पर चर्चा
अलीगढ़, 8 मई (मोहम्मद कामरान)। प्रभा खेतान फाउंडेशन और एहसास वूमेन ऑफ अलीगढ़ के संयुक्त सहयोग से “द राइट सर्किल”…
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एएमयू पहुंचे राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना, हॉस्टल संकट और शैक्षणिक विकास पर प्रशासन से मंथन
अलीगढ़, 07 मई (मोहम्मद कामरान) भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद Ghulam Ali Khatana ने Aligarh Muslim University का दौरा कर…
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सेन्टर फॉर नमो स्ट्डीज ने AI राष्ट्रीय शिक्षा शिखर सम्मेलन के लिए AI शिक्षा पर शोध पत्र आमंत्रित किए; पंजीकरण की अंतिम तिथि 16 मई
सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ ने एक राष्ट्रव्यापी संपर्क पहल शुरू की है, जिसमें संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को आगामी AI राष्ट्रीय शिक्षा शिखर सम्मेलन के लिए पंजीकरण करने के लिए आमंत्रित किया है। यह शिखर सम्मेलन 23 मई, 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस प्रयास के तहत, सेन्टर फॉर नमो स्ट्डीज ने देश भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के कुलपतियों और प्राचार्यों को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया है कि वे अपने संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और छात्रों को इस शैक्षणिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नामित करें और प्रोत्साहित करें। यह शिखर सम्मेलन नमो अध्ययन केन्द्र द्वारा ‘राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद’ के सहयोग से और ‘भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद’ (ICSSR) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अनुदान सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर संवाद के लिए एक सार्थक मंच तैयार करना है। संस्थानों से आग्रह किया गया है कि वे इस जानकारी को अपने संकाय और शैक्षणिक विभागों के बीच व्यापक रूप से प्रसारित करें, ताकि शिक्षक और शोधकर्ता इस अवसर का लाभ उठा सकें। संकाय सदस्यों की भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, सेंटर फॉर नमो स्ट्डीज के अध्यक्ष प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा, “हमारा मुख्य ध्यान शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार और सार्थक उपयोग के इर्द-गिर्द एक शैक्षणिक आंदोलन खड़ा करने पर है। इस परिवर्तन के केंद्र में संकाय सदस्य ही हैं। उनकी भागीदारी यह सुनिश्चित करेगी कि चर्चाएँ वास्तविक कक्षा अनुभवों, शोध से प्राप्त अंतर्दृष्टियों और नीतिगत आवश्यकताओं पर आधारित हों।” शिखर सम्मेलन की सह-संयोजीका प्रो. दिव्या रश्मी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि शिखर सम्मेलन के लिए सीटें सीमित हैं, इसलिए शीघ्र पंजीकरण करवाना अत्यंत आवश्यक है। संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित किया गया है कि वे समय रहते अपना पंजीकरण पूरा कर लें, और साथ ही शोध पत्र प्रस्तुतियों तथा चर्चाओं के माध्यम से अपना योगदान देने पर भी विचार करें। एब्स्ट्रेक्ट जमा करने की आखिरी तारीख 10 मई, 2026 तय की गई है, जबकि पंजीकरण 16 मई, 2026 को बंद हो जाएंगे। प्रो. जसीम मोहम्मद ने राष्ट्रीय शिक्षा प्राथमिकताओं के संदर्भ में इस पहल की प्रासंगिकता पर भी ज़ोर देते हुए कहा, “ऐसे समय में जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इनोवेशन, बहु-विषयक शिक्षा और डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा दे रही है, तो शिक्षकों के लिए AI जैसी उभरती तकनीकी के साथ सक्रिय रूप से जुड़ी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में, तकनीक और शिक्षाशास्त्र के बीच के अंतर को एक विचारशील और संतुलित तरीके से पाटने का एक प्रयास है।” कार्यक्रम की सह सहयोगी डॉक्टर दीबा ने बताया कि इस पहल के हिस्से के तौर पर, शिक्षा के लिए AI पर एक विशेष शोध अकादमिक पुस्तक, ‘AI पर एक शोध संग्रह’ भी प्रकाशित की जाएगी। कार्यक्रम की रिसर्च एसोसिएट्स सुश्री तुषित भंडारी के यह उम्मीद भी जताई कि आने वाले दिनों में अकादमिक संस्थानों से मिलने वाली प्रतिक्रिया में लगातार बढ़ोतरी होगी, जिससे यह शिखर सम्मेलन ज्ञान के आदान-प्रदान, सहयोग और भारत में शिक्षा के भविष्य पर दूरदर्शी चर्चाओं के लिए एक जीवंत मंच बन जाएगा।
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